Friday, 5 July 2013

विकास की बाते भी तभी तक लोग सुनेंगे तब तक उसके पीछे हिंदुत्व का सिधांत है

कुछ लोगो को बुरा जरुर लगेगा परन्तु इस देश ने अटल बिहारी वाजपाई नामक मोडल को पूरी तरह नकार दिया था। जो लोग यह सोचते है की खाली विकास चुनाव में जीत की गारेंटी है तो वो चन्द्र बाबु नायडू और अटल बिहारी के शासन का हाल देख लो. और जो लोग मोदी के टोपी न पहन ने को मुद्दा बना रहे है वो भी जान ले की मोदी जी को पता है की विकास की बाते भी तभी तक लोग सुनेंगे तब तक उसके पीछे हिंदुत्व का सिधांत है. ६ साल से कोमुनिस्ट भारतीय उप महाद्वीप में भटक रहे है पर मिला क्या? कारन है देश की आत्मा से कटना। जो मुर्खता केजरीवाल और अन्ना जी भी कर चुके है. अरे यार आप तो बिलकुल हिंदुत्व के प्रतिकूल कार्य कर रहे हो. यदि हिंदुस्तान में लोग विकास के मुद्दे पर ही जीतते तो हिन्दुओ के मंदिर तिरुपति, वैष्णो देवी पद्मनाभन की तरह धनी न होते. एक सीमा के बाद लोग विकास को पूछते ही नहीं है. अरे नितीश बाबु हिंदुत्व न सही कम से कम "मासलो नीड थेओरी" ही पढ़ लो. 

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