Tuesday, 23 July 2013

क्या हम भारत के लोग उस मेडक जैसे हो गए है पढ़े इस bolg को

एक वैज्ञानिक ने मेडक पर शोध किया पहले एक मेडक को गरम पानी एक दम से डाला मेडक एक दम से छलांग लगा के पानी से बहार आ गया फिर एक बर्तन में ठन्डे पानी में मेडक के डाला फिर धीरे धीरे पानी को गरम करने लगा 24 घंटे तक मेडक ने कोई हलचल नहीं की तापमान को एडजेस्ट करता रहा और फिर जयादा गरम पानी हुआ तो मेडक मर गया हमारे देश में भी भ्रष्टाचार धीरे धीरे बढ रहा है एक दिन हमारा  देश मर जायेगा अगर एक दम से देश में  भ्रष्टाचार हुआ होता तो हम भी मेडक की तरह छलांग लगा कर बच जाते पर धीरे धीरे हमने एडजेस्ट कर लिया है आज हमें आदत हो गई है भ्रष्टाचार आतंकवाद सेकुलारिजम भ्रष्ट नेताओ की कभी हमने इमानदार नेता देखे ही नहीं एक नरेन्द्र मोदी जो इमानदार है उसके साथ भी हम खड़े नहीं हो पा रहे है यह देश के लिए बहुत खतरनाक है हमारी आने वाले हमारे ही पुश्ते हम पर थुकेगी जेसे हमें कहते हम पहले गुलामी इस हुए की हमारे पूर्वज कायर थे क्या हमारे बच्चे हमें कायर डरपोक कहे फैसला हम सब को करना है मैंने कर लिया है मैं मोदी के साथ हु क्या आप हो 

Monday, 22 July 2013

इस्लाम और जापान के बारे मे क्या यह सच है ?

इस्लाम और जापान के बारे मे क्या यह सच है ?
क्या आपने कभी यह समाचार पढ़ा कि किसी मुस्लिम राष्ट्र का कोई प्रधानमंत्री या बड़ा नेता तोकियो की यात्रा पर गया हो?
क्या आपने कभी किसी अखबार में यह भी पढ़ा कि ईरान अथवा सऊदी अरब के राजा ने जापान की यात्रा की हो?
कारण·
जापान में अब किसी भी मुसलमान को स्थायी रूप से रहने की इजाजत नहीं दी जाती है।·
जापान में इस्लाम के प्रचार-प्रसार पर कड़ा प्रतिबंध है।·
जापान के विश्वविद्यालयों में अरबी या अन्य इस्लामी राष्ट्रों की भाषाएं नहीं पढ़ायी जातीं।·
जापान में अरबी भाषा में प्रकाशित कुरान आयात नहीं की जा सकती है।
इस्लाम से दूरी·
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जापान में केवल दो लाख मुसलमान हैं। और ये भी वही हैं जिन्हें जापान सरकार ने नागरिकता प्रदान की है।·
सभी मुस्लिम नागरिक जापानी बोलते हैं और जापानी भाषा में ही अपने सभी मजहबी व्यवहार करते हैं।·
जापान विश्व का ऐसा देश है जहां मुस्लिम देशों के दूतावास न के बराबर हैं।·
जापानी इस्लाम के प्रति कोई रुचि नहीं रखते हैं।·
आज वहां जितने भी मुसलमान हैं वे ज्यादातर विदेशी कम्पनियों के कर्मचारी ही हैं।·
परन्तु आज कोई बाहरी कम्पनी अपने यहां से मुसलमान डाक्टर, इंजीनियर या प्रबंधक आदि को वहां भेजती है तो जापान सरकार उन्हें जापान में प्रवेश की अनुमति नहीं देती है।
अधिकतर जापानी कम्पनियों ने अपने नियमों में यह स्पष्ट लिख दिया है कि कोई भी मुसलमान उनके यहां नौकरी के लिए आवेदन न करे।·
जापान सरकार यह मानती है कि मुसलमान कट्टरवाद के पर्याय हैं इसलिए आज के इस वैश्विक दौर में भी वे अपने पुराने नियम नहीं बदलना चाहते हैं।·
जापान में किराए पर किसी मुस्लिम को घर मिलेगा, इसकी तो कल्पना भी नहीं की जा सकती है।
यदि किसी जापानी को उसके पड़ोस के मकान में अमुक मुस्लिम के किराये पर रहने की खबर मिले तो सारा मोहल्ला सतर्क हो जाता है।·
जापान में कोई इस्लामी या अरबी मदरसा नहीं खोल सकता है।
मतांतरण पर रोक·
जापान में मतान्तरण पर सख्त पाबंदी है।·
किसी जापानी ने अपना पंथ किसी कारणवश बदल लिया है तो उसे और साथ ही मतान्तरण कराने वाले को सख्त सजा दी जाती है।·
यदि किसी विदेशी ने यह हरकत की होती है उसे सरकार कुछ ही घंटों में जापान छोड़कर चले जाने का सख्त आदेश देती है।·
यहां तक कि जिन ईसाई मिशनरियों का हर जगह असर है, वे जापान में दिखाई नहीं देतीं।
वेटिकन के पोप को दो बातों का बड़ा अफसोस होता है। एक तो यह कि वे 20वीं शताब्दी समाप्त होने के बावजूद भारत को यूनान की तरह ईसाई देश नहीं बना सके। दूसरा यह कि जापान में ईसाइयों की संख्या में वृध्दि नहीं हो सकी।
·जापानी चंद सिक्कों के लालच में अपने पंथ का सौदा नहीं करते। बड़ी से बड़ी सुविधा का लालच दिया जाए तब भी वे अपने पंथ के साथ धोखा नहीं करते हैं।·
जापान में 'पर्सनल ला' जैसा कोई शगूफा नहीं है। यदि कोई जापानी महिला किसी मुस्लिम से विवाह कर लेती है तो उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाता है। जापानियों को इसकी तनिक भी चिंता नहीं है कि कोई उनके बारे में क्या सोचता है। तोकियो विश्वविद्यालय के विदेशी अध्ययन विभाग के अध्यक्ष कोमिको यागी के अनुसार, इस्लाम के प्रति जापान में हमेशा यही मान्यता रही है कि वह एक संकीर्ण सोच का मजहब है। उसमें समन्वय की गुंजाइश नहीं है।
स्वतंत्र पत्रकार मोहम्मद जुबेर ने 9/11 की घटना के पश्चात अनेक देशों की यात्रा की थी। वह जापान भी गए, लेकिन वहां जाकर उन्होंने देखा कि जापानियों को इस बात पर पूरा भरोसा है कि कोई आतंकवादी उनके यहां पर भी नहीं मार सकता।

Friday, 19 July 2013

इस देश के हिन्दू खो चूके है अपना अष्टसिद्धि : : : : : तभी इस देश की हालत आज ये हो गई है :::::

१. जिस हिंदू की भुजाओं की जगह आँख फड़कनी शुरू हो गयी हो,,,,,,

२. जो हिंदू 'तलवार' उठाने की जगह 'सलवार' पहनने को तैयार है,,,,,

३. जिस हिंदू ने राम के नाम के साथ श्री लगाने मे डरते हुए खुद के आगे श्रीमती लगा लिया हो,,,,,,

४. जो हिंदू लज़्ज़ा की जगह सज़्ज़ा मे व्यस्त हो,,,,,,,

५. जिस हिंदू को वीर की जगह फकीर (मुल्लासाँई) पूजने की आदत पड़ गयी हो,,,,,,

६. जिस हिंदू को "जाग" मे भी "भाग" सुनाई देता हो,,,,,,

७. जो हिंदू "रक्त" के डर से मुल्ला "भक्त" बन गये हैं,,,,,,

८. जिन की ज़ुबान से बस ये निकलता है की वो क्या कर सकते हैं क्यों की सरकार के पास पुलिस है, सेना है,,,,,,

मेरा उनसे बस एक ही सवाल है की क्या वो ये किन्नर सरकार त्रिलोक विजेता लंकापति रावण से भी ज़यादा बलशाली है और क्या तुम सिर्फ़ उस वृद्ध जटायु से भी ज़यादा गये गुज़रे हो...अरे याद करो अंधो बचपन से देखा होगा की एक बूढ़ा जटायु सिर्फ़ अपनी चोंच के बल पर लड़ गया था महाबलशाली रावण से और बस अपनी चोंच से उस पापी को घायल कर के प्रभु श्री राम को रास्ता दिखा गये थे रावण के विनाश के लिए....यही वजह है की वो प्रभु के हाथो से सीधा मोक्ष पा कर अमर हो गया और तुम जीते जी ही मर चुके हो,,,, शायद इसीलिए प्रभु श्री राम ने गिद्धो को उपर बुला लिया क्यों की उनको भी हमारी नपुंसकता पर रोना आता रहा होगा,,,,

अरे अगर मन मे संघर्ष की भावना हो और प्रभु पर विश्वाश हो तो एक बूढ़ी चोंच ही काफ़ी है मोक्ष पाने और पापियों के विनाश के लिए वरना जल्द ही समय आ रहा है रावण के दरबार की नर्तकी बन कर मुज़रा गाने का,,,,

हे जटायु मुझे नही नाचना है रावण के दरबार मे, मुझे भी मोक्ष चाहिए बिल्कुल आप जैसा,,,,,,, किन्नरो फिर से बोलो की तुम्हारे पास क्या है...??? सरकार से लड़ने के लिए...?????? शर्म आती है हमें की एक गिद्ध थूक कर चला गया हम१०० करोड़ पर,,,,,,,

जागौ हिन्दूऔं,,,,,,,,, जागौ,,,,,,,,

Wednesday, 17 July 2013

हिन्दू अपने को हिन्दू नही Indian कहो सेक्युलरवाद है भाई

एक मोदी ने अपने को हिन्दू क्या बोल
दिया लगता है देश में भूचाल आ गया , इस देश के
हिन्दुओं की दयनीय स्थिति देखिए कि एक प्रदेश
का मुख्यमंत्री भी अब अपने को हिन्दू नहीं बोल
सकता | अब हालत यह हो गई है की देश में नवाज
शरीफ की जीत पर केरल में
पाकिस्तानी झंडा फहराया जा सकता है , इमाम
भुखारी अपने को ISI का एजेंट बोल सकता है , जम्मू
कश्मीर का मुख्यमंत्री अपने को मुस्लिम बोल
सकता है , आधे घंटे में 85 करोड़ हिन्दुओं को मिटाने
की बात हो सकती है किन्तु देश में एक प्रदेश
का मुख्यमंत्री तक अपने को हिन्दू नहीं बोल
सकता |कहीं यदि एक आम हिन्दू भी जोर से
चिल्ला कर अपने को हिन्दू बोल दे तो न जाने ये
सेकुलर उसे कहाँ ले जाकर मारेंगे | बहुत सो लिए अब
जाग जाओ |
तेरह करोड़ इक्यासी लाख अठासी हजार दो सौ चालीस
"13,81,88,240" मतलब 13.4% कुल इतने मुसलमान हैं भारत में और
१. कांग्रेस
२. बसपा
३. सपा
४. तृणमूल
५. टीएमसी
६. टीडीपी
७. जेडीयू
८. जेडीएस
९. राजद
१०. लोजपा
११. पीस पार्टी
१२. द्रमुक
१३. एनसीपी
१४. झामुमो
१५. सीपीएम
१६. बीजेडी
१७. सीपीएम
१८. सीपीआई
१९. एमआईएम
२०. नेशनल कांफ्रेंस
और भी कई छोटी बड़ी पार्टियाँ दिन रात इन मुसलमानों का वोट लेने के लिए बयासी करोड़ से ज्यादा (827,578,868) हिन्दुओं का अपमान पे अपमान किये जा रही हैं, 

क्या हिन्दुओं की वोट की कोई कीमत नहीं है?
सभी हिन्दुओं को कहो कि इन सब पार्टियों के खिलाफ़ वोट देकर सबक सिखा दो..!
ये लोग भविष्य में हिन्दुओं का अपमान करने की जुर्रत ना कर पाये,,

"वन्देमातरम"

Thursday, 11 July 2013

पिछले दस साल में सारे देश को जोकर बना दिया !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

बड़ी दुर्गति है मित्रो -
  • भारत देश की अर्थव्यवस्था भयंकर तरीके से गिर रही है !!!!!!!!!!!!
  • देश के पास कुल ७ महीने के आयत के लिए विदेशी मुद्रा है !!!!!!!!!!
  • भारतीय रुपया ६ २ पार कर गया एक डॉलर के मुकाबले !!!!!!!!!!!!
  • विकास दर ३% के नीचे जा रही है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
  • देश पर एक कमजोर प्रधान मंत्री का राज है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!
  • देश पर धर्म और वर्ग के आधार पर बाँटने वाली कांग्रेस पार्टी का विदेशी नेत्रित्व है !!!!!
  • आई एस आई और इंडियन मुजाहिद्दीन का विस्तृत नेटवर्क है भारत में !!!!!!!!
  • दिग्विजय सिंह देश के बाँटने वाले मुहजोर नेता सत्ता के फलक पर सिरमौर है !!!!!!
  • दुनिया के किसी देश के निवेशक की नजर में भारत आकर्षक नहीं रहा !!!!!!!!!!!!
  • ३ ० ० जिले नक्सलवादियो और मओवादियो के विस्तार से प्रभावित है !!!!!!!!!!!!!
  • देश की खुफिया एजेंसी अपने रिपोर्टिंग ऑफिस पी एम् ओ से आतंकित है !!!!!!!
  • सरकारी संस्थाओ के भूलुंठित आत्मबल करने  वाले कांग्रेसी सरकारी कौशिश !!!!!!!!!!!
  • देश की सरकारी संस्थाओ को आपस में लड़ाने का पाप करती कांग्रेस !!!!!!!
  • सेना उतराखंड में कांग्रेसी सरकार के पाप धो रही है !!!!!!!!!!!!!!!
  • चीन ने चारो और से देश को घेर लिया है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!
  • भारत में बम विस्फोट से आम जनता को डराया जा रहा है !!!!!!!!!!!!!
  • बिहार विस्फोट से देशद्रोहियो के हौंसले बुलंद है !!!!!!!!!!!!!!!
  • सेकुलर नेता देश में अतंकवादियो के रक्षक बनकर उनको बेटे और बेटिया बनाने पर तुले है !!!!!!!!!!!!
  • महंगाई बढ़ रही है जिस से देश के आम जन का मनोबल गिर हुआ है !!!!!!!
  • बेरोजगार कर भिखारी बना कर, लेपटोप और मोबाइल बाँटने के वादों से देशवासियो का आत्मसम्मान रसातल में है !!!!!!!!!!!!
  • श्री लंका, पाकिस्तान देश भारत के खिलाफ है, नेपाल , बांग्लादेश सहयोग करने की दशा में नहीं है !!!!!!!
  • भरष्टाचार से देश हलकान है !!!!!!!!!
  • कुंठित मतदाता जो अरबो के घोटालो के बात भी कांग्रेस को सत्ता का ताज दे रहा है !!!!!!!!!!!!!!!
  • बाद और अपदाओ से घिरा भारत !!!!!!!!!!!!!
  • चिंतित, पीड़ित और कर्जदार, आत्महत्या करने वाला  किसान !!!!!!!!!!!!
  • टेक्स के भयंकर बोझ से पीड़ित शहरी वर्ग !!!!!!!!!!!!!!!
  • साइकल की औकात नहीं और हवाई जहाज में घूमते नेताओ से !!!
  • रोज - रोज हमारी पेंट उतारता चीन और सरदार मनमोहन सिंह और चीन की मेजबानी का लुफ्त उठाने वाली कांग्रेस की रानी सोनिया गाँधी और युवराज राहुल गाँधी की चुप्पी । !!!!!!!!!!!!!!
  • टुटा मानस , बंटे लोग, टीवी का बंधा समाज, क्रिकेट के सट्टे के पैसे पर बिका माध्यम वर्ग, पलायन करता शिक्षित समाज, बिके  हुए नेता , पेट फुलातेूू नौकरशाह, भ्रमित पुलिस, कैमरों के आगे अपनी बेटियो की उम्र वालियो के साथ नंगे होते नेता। 

क्या हो एसे में देश का दुश्मन भारत पर आक्रमण कर दे ?????????????????

२ ० ० ४ में हम कहाँ थे और आज कहाँ है !!!!!!!!!

बोलीवुड स्टार श्री राज कपूर की वो चंद पंक्तिया याद आगाई

 "जाने कहाँ गए वो दिन "

पिछले दस साल में सारे देश को जोकर बना दिया , भारतवर्ष देश का हाल लल्लू यादव के राज में बिहार से भी बुरा हो गया। 
Note copy by त्यागी जी कै ब्लोग से ताकि जनता । जागे जागो भारत वरना जागने का मोका हि नही मिलेगा 

Saturday, 6 July 2013

मुझे नरेन्द्र मोदी पर गर्व है जीतना शिवाजी राणा सांगा महाराणा पर है क्या आपको है

निश्चित रूप से नरेंद्र भाई मोदी जो वर्तमान में गुजरात के मुख्मंत्री है वो एक जिन्दा मिसाल है "हिंदुत्व के प्रहरियो" के लिए, एक शख्स जो अकेला ही अपने दम पर हिंदुत्व के विरोधियो के सामने न केवल डटा रहा बल्कि मुहं तोड़ जवाब भी देता है. यह एक शख्स जिसने भारतीय इतिहास के अब तक के सबसे बड़ी दुरभिसंधि हिंदुत्व के दुश्मनों कांग्रेस और वामपंथियो के सत्ता में रहेते विरोध की परकाष्ठा देखी और सहन की है. उसका एक वीर की भांति मुकाबला भी किया है. यह मुकाबला किसी भी तरह छत्रपति शिवाजी और राणा सांगा से कम न था और आज भी यह हिन्दू वीर अपनी उर्जा, शक्ति, ओज से भारत और हिन्दू विरोधी शक्तिओ के सामने एक चट्टान की भांति खड़ा है. जिसको हर भारतीय और हिन्दू को गर्व हो सकता है. श्री नरेंद्र भाई मोदी हमेशा भारतीय राजनीति में एक ध्रुव तारे की तरह रहेंगे और आने वाली नस्लों के लिए प्रेरणा के स्रोत होंगे.

Friday, 5 July 2013

विकास की बाते भी तभी तक लोग सुनेंगे तब तक उसके पीछे हिंदुत्व का सिधांत है

कुछ लोगो को बुरा जरुर लगेगा परन्तु इस देश ने अटल बिहारी वाजपाई नामक मोडल को पूरी तरह नकार दिया था। जो लोग यह सोचते है की खाली विकास चुनाव में जीत की गारेंटी है तो वो चन्द्र बाबु नायडू और अटल बिहारी के शासन का हाल देख लो. और जो लोग मोदी के टोपी न पहन ने को मुद्दा बना रहे है वो भी जान ले की मोदी जी को पता है की विकास की बाते भी तभी तक लोग सुनेंगे तब तक उसके पीछे हिंदुत्व का सिधांत है. ६ साल से कोमुनिस्ट भारतीय उप महाद्वीप में भटक रहे है पर मिला क्या? कारन है देश की आत्मा से कटना। जो मुर्खता केजरीवाल और अन्ना जी भी कर चुके है. अरे यार आप तो बिलकुल हिंदुत्व के प्रतिकूल कार्य कर रहे हो. यदि हिंदुस्तान में लोग विकास के मुद्दे पर ही जीतते तो हिन्दुओ के मंदिर तिरुपति, वैष्णो देवी पद्मनाभन की तरह धनी न होते. एक सीमा के बाद लोग विकास को पूछते ही नहीं है. अरे नितीश बाबु हिंदुत्व न सही कम से कम "मासलो नीड थेओरी" ही पढ़ लो. 

Thursday, 4 July 2013

क्या बस इतना की मै एक हिंदू हूँ ?

एक सुन्दर संवाद (ज़रूर पढ़े )

बी एस सी का छात्र का कॉलेज का पहला दिन (गले में बड़े बड़े रुद्राक्ष की माला)

प्रोफेसर ::बड़े पंडित दिखाई देते हो लेकिन कॉलेज में पढाई लिखाई पर ध्यान दो ,,,
पूजा पाठ घर में ही ठीक है !!

(क्लास के सभी बच्चे ठहाका लगाते है )

छात्र::(विनम्रता से) :- सर आप मेरे गुरु है और सम्माननीय भी इसलिए आपकी आज्ञा से ही कुछ कहना चाहूँगा,

शिक्षक कहते है :-बोलो

छात्र ::सर जब ऐसे छोटे कॉलेज छोडिये आई आई टी और मेडिकल कॉलेज तक में एक मुस्लिम छात्र दाढ़िया बढाकर या टोपी चढाकर जाते है और कितनी भी बड़ी लेक्चर हो क्लास छोड़कर नवाज़ के लिए बाहर निकल जाते है तो शिक्षक को वो धर्मनिष्ठता लगता है,
जब क्रिस्चन छात्र गले में बड़े क्रौस लटकाकर घूमते है तो वो धर्मनिष्ठता है और ये उनके मजहब की बात हुई,
और आज आपके सामने इसी क्लास में कितने ही लड़कियों ने बुर्खा पहना है और कितने ही बच्चो ने जालिटोपी चढा रखा है तो आपने उन्हें कुछ नहीं कहा ,

तो आखिर मेरी गलती क्या है ?

क्या बस इतना की मै एक हिंदू हूँ ?

शिक्षक क्लास छोड़कर बाहर चला गया और बच्चे को कॉलेज ने १५ दिनों के लिये सस्पेंड कर दिया गया !

सच वो जो कांग्रेस बोले बाकी सब "फेंकू, साम्प्रदायिक, तानाशाह और जाहिल"

उतराखंड की त्रासदी में क्या कुछ अजीब आपको नहीं दीखता है। वैसे कहेने वाले तो इसे कांग्रेस माया का एक मायाजाल बता रहे है। 
कांग्रेस का षड्यंत्रों का इतिहास है। और कमाल यह है की भारत के लोग इन षड्यंत्रों का समझते हुए भी समझना नहीं चाहते। वैसे इसके कारण है!!!  एसा क्यूँ है पर मानने वाले तो मान लेंगे और जो नहीं माने वो भी मुंडी हिलाकर चलते बनते है। असल में २ ० ०  साल अंग्रेजो के राज के पीछे भी तो कोई कारण होंगे? चलो गुलाम हुए तो हुए पर कोई भी देश गुलामी के बाद भी गुलाम हो एसा किसी देश के इतिहास में नहीं सिवाए भारत के। पर क्यों ? कारन है"इंडिया इज आइडिया". देश के अधिकारी वर्ग हो, बड़े नेता हो , इतिहासकार हो ,  शिक्षाविद हो किसी से भी पूछ लो वो भी भारत को एक आइडिया ही  कहेंगे। विशेषकर "श्री राम चन्द्र गुहा" जी से पूछ लो तो वो इस पर एक लम्बा लेक्चर दे देंगे।  अच्छा यह भारत माता - वाता इन लोगो के लिए कोई मायने नहीं रखती। यह तो बस हम जैसे बुद्धू , अपढ़ और जाहिल भारतियो के "सेंटीमेंट" के कद्र भर है। अब केजरीवाल को ही देखलो भारत माता का अन्ना हजारे के मंच से फोटो ही हटा दिया जब कांग्रेसी और वामपथियो ने आपत्ति की। 

एक चाय वाले ने कांग्रेस, वामपंथियो, माओ वादियो, सेकुलर लोगो के पेट में हलकान भर रखा है। और इस चाय वाले का नाम "श्री नरेन्द्र भाई मोदी" है। क्या कभी आपने सुना है  की विभिन्न राज्यों की मुख्मंत्री किसी दुसरे राज्ये में जाकर त्रासदी पर लोगो को सीधे बचा रहे है? नहीं !! पर उतरांचल में हुआ है विभिन्न राज्यों के मुख्मंत्री लाइन लगा  लोगो को बचा रहे है . क्या श्री नरेन्द्र भाई मोदी को इसका क्रडिट नहीं देंगे ? अरे कांग्रेसी तो छोड़ो तेलगु देशम जैसे दल जो मुस्लिम  वोट के घोषित भीखमंगे है वो भी हिन्दू तीर्थ स्थल पर सहयता करने के लिए लड़ रहे है. वाह नरेंदर भाई आपका भी कमाल है . जैसा सोचा उस से ज्यादा नपुंसक है यह सेकुलर भाडू। पर अच्छा है आपकी नक़ल ही सही पर देश का कुछ तो भला हो रहा है। 

कई विचार है श्री केदारनाथ के ऊपर प्राकर्तिक आपदा के। कुछ लोग   "धरा देवी " की मूर्ति हटाने के बताते है, कुछ गाँधी सरोवर को तोड़ने का कारण  बता रहे है ,  कुछ बादल फटना बता रहे है, कुछ चीन की कलाकारी बता रहे है तो कुछ कांग्रेस का षड्यंत्र बता रहे है . मोटे तौर पर लोग मानते नहीं की कोई दल इतना भी गिर सकता है खैर मानने वाले तो यह भी मानते है की जो लोग अपने आराध्यो भगवान् शिव , राम और कृष्ण की दुर्दशा पर हँसते है और अपने माँ बाप को वृद आश्रम छोड़ देते है वो वोट के लिए क्या श्री केदार नाथ और बद्री नाथ को छोड़ सकते है। जो दिल्ली से ५ ० ०  किलोमीटर के दायरे में हिन्दू भगवान् का अस्तित्व नहीं मानते उनको १ ० ० ०  किलोमीटर दूर बिहिड़ो में भगवान् से मतलब क्या ? कमाल है दिल्ली में श्री राम भक्तो पर लाठिया चलवाते हो और श्री केदार नाथ के तीर्थ के लिए "विज्ञापन सहयेता ". 

दाल में काला नहीं ? 

श्री केदारनाथ का  निर्माण तो श्री राम जन्मभूमि क्यूँ नहीं, कृष्ण जन्मभूमि का क्यूँ नहीं? बाबा विश्वनाथ का क्यूँ नहीं ? जब अंग्रेज गए तो "कनाट प्लेस " राजीव गाँधी चौक " तो बाबरी ढांचा - श्री राम जन्मभूमि क्यूँ नहीं ? क्यूंकि यह "इंडिया इज आइडिया" में नहीं आता। हा हा हा हा मित्रो आप भारत में नहीं रहेते एक "आइडिये" में रहेते है और उसका नाम इंडिया है जो कांग्रेस जनित है। क्या मजाक है ५ ० ० ० वर्ष की सभ्यता के साथ। और यह ही अंतर है एक चाय वाले की सोच में और त्याग के ठेकेदार गाँधी परिवार में। गाँधी परिवार को यह पता चल जाये की भारत की सत्ता किसी राष्टवादी हिन्दू के हाथ आने वाली है तो वो हर संभव कोशिश करेगे की इस "इंडिया इस आइडिया " को कोई और ले न ले। अरे साक्षात् देश पर आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस तो लोकतान्त्रिक है और ३ बार मुख्मंत्री बनकर राज्ये को विकसित करने वाला तानाशाह। वहा मैं वारी जायुं , बलिहारी जाऊं इन तर्कों पर।

देश की गद्दारों की संताने "चाय वाले " को फेंकू बता रही है। "भारत निर्माण " के फर्जी कार्यक्रम बनाने वाले फ़िल्मी लोग देश के स्वेम्भु शिक्षाविद बने घूम रहे है . 

श्री केदार नाथ की त्रासदी की टाइमिंग पर क्या कोई शक नहीं है। कोयला घोटाला से ध्यान हटाने के लिए यह सब तो बाये हाथ का खेल है . अब स्वयं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कटघरे में हो तो कुछ एक भारतीयों की मौते इनके लिए क्या मायने रखती है। क्यूंकि इतिहास गवाह है की  इंद्रा गाँधी अपनी जिद्द के लिए पुरे भारत को आपातकाल में बंधक बना सकती है। नेहरु भारत माता के दो टुकड़े कर सकता है , गाँधी (जो राष्ट्र पिता नहीं उसे कांग्रेस विज्ञापन के माध्यम से ५ ० ० ० वर्ष की सभ्यता का बाप बना रखा है ) अपने स्वार्थ के चलते पटेल जैसे नेता को प्रधानमंत्री नहीं बनने देता। सुभाष चन्द्र बोस को कांग्रेस से धक्के मार कर बहार कर सकते है व्यक्तिगत हितो के लिए। पांच हजार सिखों को दिल्ली की सडको पर जला सकते है। गरीबी हटाने के नाम पर सत्तर करोड़ लोगो को भिखारी बना सकते है. बीस लाख लोगो का बंटवारे के समय कत्ल होने देती है, लाखो के सुहाग उजाड़ सकती है। करोडो को बेघर कर सकती है,    अमरीका और चीन को दिया कमिटमेंट की भारत को फिर से        १ ९  ९ ०  के दशक में लेकर आयेंगे और ग्रोथ रेट ३% पर ला दी। तो क्या कुछ एक षड्यंत्र नहीं रच सकती। 

भारत की जनता कांग्रेस के लिए एक "इंडिया आयडिया" से आगे कुछ भी नहीं है और इस एक आइडिये के लिए करोडो के खून से भी कांग्रेस नाहा सकती है . क्यूंकि यह उसकी जिद्द है की भारत उसने बनाया है और कोई नरेन्द्र मोदी इस देश को उस से छीन नहीं सकता . बस जैसे इंद्रा गाँधी की जिद्द थी की भारत उसके बाप का है और यह ही जिद्द सोनिया गाँधी की है की कोई कितना भी बड़ा मानसिक रोगी हो पर भारत का शासक कोई चाय बनाने वाला नहीं बन सकता "एक मानसिक रोगी " ही "कांग्रेस मेड भारत" का नायक होगा। 

इस जिद्द को पूरा करने में एक नहीं कितने हिन्दू तीरथ स्थल तबाह हो या कितने लोग मरे इस से गाँधी परिवार और कांग्रेस को कुछ लेना देना नहीं . भारत जैसे सोने की चिड़िया किसी कीमत पर भी भारत के अपने लोगो के पास नहीं जाने चाहिए फिर चाहए एक और आपातकाल ही भले क्यूँ न लगा दिया जाये। 

और जो लोग आने वाले २ ० १ ४ के चुनाव को नेताओ की जंग मान रहे हो वो सावधान हो जाये यह कोई नौटंकी नहीं बल्कि हिंदुस्तान की तक़दीर का फैसला होने जा रहा है की भारत                         "नपुन्सको मान सिंह, जाफर " का राष्ट्र है या राणा संगा, प्रताप और  वीर सावरकार का है . 

पेट्रोल ७५ रूपये, ग्रोथ रेट ३%, अगले सात महीने के आयात का मात्र विदेशी मुद्रा, ७ ०  पर रुपया, चार सिलेंडर पर टिका हिन्दू सयुंक्त परिवार का भारत , कोयले की कालक से काला भारत, एक त्याग की देवी के झूटे फरेब से भूलुन्टित भारत, मानसिक रोगी को देश का शासक बनाने की जिद्द, कांग्रेसी गेंग की जकडन में देश की सरकार और उसका शासन, माया मुलायम की नौटकी की दिल्ली,  केदार नाथ को मरघट बनाने वाले कांग्रेसी सरकार, उतराखंड की बर्बादी के चाटुकार नेताओ का भारत राष्ट्र है या उन करोडो लोगो के शाहदत का भारत जो भारत को "मानव सभ्यता का पालना " कहेते है और इसको भारत माता कहेते है। फैसला आपका है क्यूंकि राजनीति के चिम्पू तो अपने स्वार्थ के लिए "गुजरती भारतीयों" की सहयता को भी लौटा रहे है अब चाहए वो मगध के पेट के मरोड़ से पैदा सच्चा सेकुलर मुख्यमंत्री हो या फिर गाँधी परिवार का चाटुकार मुख्यमंत्री हो। हर हाल में देश कांग्रेस के कब्जे में रहेना चाहिए तो लोकतंत्र अन्यथा देश का नेता हिटलर और मुसोलिनी।
टोपी पहना कर और पहन कर देश को लूटो तो लोक्तान्रिक तरीके, टोपी न पेहेन कर  दोहरा चरित्र नहीं अपनाओ तो "साम्प्रदायिक " 

सच वो जो कांग्रेस बोले बाकी सब "फेंकू, साम्प्रदायिक, तानाशाह और जाहिल" क्या कहेंगे कांग्रेस के इस प्रचार को आप। 

क्या श्री दिग्विजेय सिंह, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, जनार्दन दिवेदी, शकील अहेमद को देखते हुए हिटलर के प्रचार तंत्र के मुखिया गोबल्स की याद नहीं आती।

और कांग्रेस कहेती है बेचारे मुख्तार अब्बास नकवी, शाहनवाज हुसैन, सिद्धार्थ सिंह, प्रकाश जावडेकर, सोनकर शास्त्री तथाकथित तानाशाओ के "गोब्ल्स". अँधा भी बता देगा की लोकतंत्र की आड़ में किसके पास कितने बड़े हिटलर के गोब्ल्स है और जो लोग एक वोट से लोकसभा में सत्ता गवाना गए, जोड़ तोड़ न करवा पाने की वजह से झारखण्ड में सत्ता से बहार हो गए। भ्रष्टाचार के झूटे आरोपी यदुरप्पा को भी न बचा पाए और कर्नाटक का दुर्ग गवां दिया। एक झंडू की बाम से पूरा बिहार गवां दिया, अपने समर्थन से मायावती को मुख्यमंत्री बनवा कर अपना उत्तर प्रदेश गवां दिया, देवेगौडा के बेटे को मुख्मंत्री बनवा कर अपनी सरकार गिरवा ली। बाबरी ढांचा "शिव सेना " ने गिराया और पांच राज्यों में सरकार भाजपा ने बर्खास्त करवा ली . वो तो हिटलर के गोब्ल्स है। 
परन्तु देश पर आपत्काल लगा कर भी , देश की राजधानी दिल्ली में सिखों के नरसंहार करके भी, अपने धुर विरोधियो                        (माया, मुलायम , वाम दल ) के साथ केंद्र में सत्ता चलकर नैतिकता को समुन्द्र में फेंककर भी, गाँधी परिवार की तानाशाही और चाटुकारिता के बाद भी, अपने बूढ़े और निसहाये अध्यक्षों (नरसिम्हा राव और सीता राम केसरी ) को धक्के देने के बाद भी, मुम्बई को शंघाई बनाने, १ ० ० दिन में महंगाई समाप्त करने,  देश से काला धन वापस लाने के झूटे वादों, गरीबी हटाओ के नौटंकी नारे के बाद भी , बीस लाख किसानो की हत्या करने के पाप के बाद भी, हजारो दंगो को कराने के बाद भी, जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार को बेशर्मी से बचने के बाद भी, नविन जिंदाल जैसे मीडिया की हत्या करने वाले घोटाले बाज के, रॉबर्ट वढेरा के पापो के बाद भी, पकिस्तान बनवाने के बाद भी, सेज के माध्यम से किसानो को घरो से दरबदर करने के बाद भी,  घोटालो की लाइन लगाने वाली कांग्रेस सरकार के बाद भी, कोत्रोची को भगाने के बाद भी, सीबीआई को तोता बनाने के बाद भी, राष्ट्र के जासूसी ढांचे को ध्वस्त कर सैनिको और पुलिस को अतंकवादियो और देशद्रोहियो के सामने असाह्ये बनाने के बाद भी, देश के नेताओ (श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय, सुभाष चन्द्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री, की षड्यंत्रिक हत्या के बाद भी कांग्रेस भोली, स्वच्छ, पवित्र, त्याग की मूर्ति, लोकतान्त्रिक मूल्यों को मानने वाली, गरीबो की हितेषी, किसानो की पोषक और आम आदमी की पार्टी है। 
वाह मित्रो इससे बड़ा "झूट " क्या हो सकता है परन्तु फिर भी और आज भी इस झूट का "निर्माण " जारी है। 

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