Friday, 19 July 2013

इस देश के हिन्दू खो चूके है अपना अष्टसिद्धि : : : : : तभी इस देश की हालत आज ये हो गई है :::::

१. जिस हिंदू की भुजाओं की जगह आँख फड़कनी शुरू हो गयी हो,,,,,,

२. जो हिंदू 'तलवार' उठाने की जगह 'सलवार' पहनने को तैयार है,,,,,

३. जिस हिंदू ने राम के नाम के साथ श्री लगाने मे डरते हुए खुद के आगे श्रीमती लगा लिया हो,,,,,,

४. जो हिंदू लज़्ज़ा की जगह सज़्ज़ा मे व्यस्त हो,,,,,,,

५. जिस हिंदू को वीर की जगह फकीर (मुल्लासाँई) पूजने की आदत पड़ गयी हो,,,,,,

६. जिस हिंदू को "जाग" मे भी "भाग" सुनाई देता हो,,,,,,

७. जो हिंदू "रक्त" के डर से मुल्ला "भक्त" बन गये हैं,,,,,,

८. जिन की ज़ुबान से बस ये निकलता है की वो क्या कर सकते हैं क्यों की सरकार के पास पुलिस है, सेना है,,,,,,

मेरा उनसे बस एक ही सवाल है की क्या वो ये किन्नर सरकार त्रिलोक विजेता लंकापति रावण से भी ज़यादा बलशाली है और क्या तुम सिर्फ़ उस वृद्ध जटायु से भी ज़यादा गये गुज़रे हो...अरे याद करो अंधो बचपन से देखा होगा की एक बूढ़ा जटायु सिर्फ़ अपनी चोंच के बल पर लड़ गया था महाबलशाली रावण से और बस अपनी चोंच से उस पापी को घायल कर के प्रभु श्री राम को रास्ता दिखा गये थे रावण के विनाश के लिए....यही वजह है की वो प्रभु के हाथो से सीधा मोक्ष पा कर अमर हो गया और तुम जीते जी ही मर चुके हो,,,, शायद इसीलिए प्रभु श्री राम ने गिद्धो को उपर बुला लिया क्यों की उनको भी हमारी नपुंसकता पर रोना आता रहा होगा,,,,

अरे अगर मन मे संघर्ष की भावना हो और प्रभु पर विश्वाश हो तो एक बूढ़ी चोंच ही काफ़ी है मोक्ष पाने और पापियों के विनाश के लिए वरना जल्द ही समय आ रहा है रावण के दरबार की नर्तकी बन कर मुज़रा गाने का,,,,

हे जटायु मुझे नही नाचना है रावण के दरबार मे, मुझे भी मोक्ष चाहिए बिल्कुल आप जैसा,,,,,,, किन्नरो फिर से बोलो की तुम्हारे पास क्या है...??? सरकार से लड़ने के लिए...?????? शर्म आती है हमें की एक गिद्ध थूक कर चला गया हम१०० करोड़ पर,,,,,,,

जागौ हिन्दूऔं,,,,,,,,, जागौ,,,,,,,,

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